Welcome to Shri 5 Navtanpuri Dham, Jamnagar

Shri 5 Navtanpuri Dham is the Acharyapith-the principle seat as well as the origin place of Shri Krishna Pranami Dharma (Nijanand Sampradaya). This pilgrimage is founded by the grace of Lord Shri Rajji (Shri Krishnaji) Himself through Sadguru Shri Devchandraji Maharaj in the year 1630.

After the establishment of this Pith Sadguru Shri Devchandraji Maharaj stayed here for 25 years and made it transcendental (more valuable) by His divine pastime. This is the place where the second Acharya Mahamati Shri Prannathji took Shelter of sadguru Shri Devchandraji Maharaj and made His soul awakened.


यह श्री 5 नवतनपुरी धाम श्री कृष्ण प्रणामी धर्मका आचार्यपीठ है । पूर्णब्रह्म परमात्मा ने इस धर्मके आदि आचार्य सद्गुरु श्री देवचन्द्रजी महाराज द्वारा इस पीठ की स्थापना करवायी है । वर्तमान में जो मंदिर है वह सद्गुरु श्री देवचन्द्रजी महाराजने अपने निगरानी में बनवाया है ।

इस धर्मपीठ की स्थापना करने के बाद सद्गुरु श्री देवचन्द्रजीने 25 वर्ष पर्यन्त यहाँ पर अपनी दिव्य लीला की । श्री कृष्ण प्रणामी धर्म के दूसरे आचार्य महामति श्री प्राणनाथजी महाराज यहीं पर अपने सद्गुरु श्री देवचन्द्रजी के चरणों में आए हैं और उनकी जागनी यहीं पर हुई है ।


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